SAKSHAM : Aatmnirbhar Betiyan

आज भी इस आधुनिक युग में 40% से 50% महिलाएं हैं, जो शिक्षित होने पर भी घर पर ही बैठी हैं। यानी कि देश का आधा ज्ञान घर पर ही बैठे बैठे बेकार हो रहा है। हालाँकि घर पर बच्चों कि देखभाल या परिवार कि देखभाल करना भी जीवन का एक हिस्सा है। परंतु इसका मतलब यह तो नहीं कि जीवन वहीं पर सीमित है। महिलाओं को भी पुरुषों की तरह ही ऑफिस जाना चाहिए और काम करना चाहिए क्योंकि इससे उनका ज्ञान और बढ़ता है और वह भी देश के लिए कुछ अच्छा कर सकती हैं। अक्सर हम देखते हैं कि ज्यादातर गाँव कि लड़कियाँ और महिलाएं पढ़ी लिखी तो होती हैं पर उनको रोज़गार के अवसर नहीं मिल पाते हैं | इसी को देखते हुए Blessing Foundation ने एक पहल की जिसको “सक्षम” नाम दिया जिस के अंतर्गत बेटियों को “आत्मनिर्भर” बनाने के लिए संस्था में ही रोज़गार के अवसर खोल दिए इसमें कम पढ़ी लिखी लड़कियों और महिलाओं को रोज़गार दिया जाता है जिससे वह दूसरो पर आश्रित न हो कर खुद आत्मनिर्भरता के साथ जी सकें| संस्था के रोज़गार पर कैंप आगरा के अलग – अलग जगह पर लगाए जाते हैं जिसमें ज्यादा से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों को रोज़गार देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है|
Menu